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भारत में मानवाधिकार

  भारत में मानवाधिकार  भारत में मानवाधिकार  द्वितीय विश्वयुद्व की समाप्ति के बाद 1948 में 48 देशों के समूह ने समूची मानव - जाति के मूलभूत अधिकारों की व्याख्या करते हुए एक चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे । इसमें माना गया था कि व्यक्ति के मानवाधिकारों की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिये । भारत ने भी इस पर सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के इस चार्टर पर हस्ताक्षर किये । हालाँकि देश में " धिकारों से जुड़ी एक स्वतंत्र संस्था बनाने में 45 वर्ष लग तब कहीं जाकर 1993 में NHRC अर्थात् राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अस्तित्व में आया जो समय - समय पर मानवाधिकारों के हनन के संदर्भ में केंद्र तथा राज्यों को अनुशंसाएँ भेजता है ।   ★ वर्तमान समय में देश में जिस तरह का माहौल आए दिन मिलता है ऐसे में मानवाधिकार और इससे जुड़े आयामों पर चर्चा महत्त्वपूर्ण हो जाती है । देश भर में मॉब लिंचिंग की घटनाएँ , बिहार के मुजफ्फरपुर और उसके तुरंत बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया में शेल्टर होम की बच्चियों के साथ हुए वीभत्स कृत्य देश में मानवाधिकारों की धज्जियाँ उड़ाते दिखते हैं ।    ★ कई विवादास्पद नाओ...

Computer

 




कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के Compute शब्द से बना है , 

जिसका अर्थ है गणना , करना होता है इसीलिए इसे गणक या संगणक भी कहा जाता है , इसका अविष्कार Calculation करने के लिये हुआ था , पुराने समय में Computer का use केवल Calculation करने के लिये किया जाता था किन्तु आजकल इसका use डाक्यूमेन्ट बनाने , E - mail , listening and viewing audio and video , play games , database preparation के साथ - साथ और कई कामों में किया जा रहा है , जैसे बैकों में , शैक्षणिक संस्थानों कार्यालयों में , घरों में , दुकानों में , Computer का उपयोग बहुतायत रूप से किया जा रहा है Computer केवल वह काम करता है जो हम उसे करने का कहते हैं यानी केवल वह उन Command को फॉलो करता है जो पहले से computer के अन्दर डाले गये होते हैं , उसके अन्दर सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है , computer को जो व्यक्ति चलाता है उसे यूजर कहते हैं , और जो व्यक्ति Computer के लिये Program बनाता है उसे Programmer कहा जाता है । Computer मूलत दो भागों में बँटा होता है ( 1 ) सॉफ्टवेयर ( 2 ) हार्डवेयर



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