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भारत में मानवाधिकार

  भारत में मानवाधिकार  भारत में मानवाधिकार  द्वितीय विश्वयुद्व की समाप्ति के बाद 1948 में 48 देशों के समूह ने समूची मानव - जाति के मूलभूत अधिकारों की व्याख्या करते हुए एक चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे । इसमें माना गया था कि व्यक्ति के मानवाधिकारों की हर कीमत पर रक्षा की जानी चाहिये । भारत ने भी इस पर सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के इस चार्टर पर हस्ताक्षर किये । हालाँकि देश में " धिकारों से जुड़ी एक स्वतंत्र संस्था बनाने में 45 वर्ष लग तब कहीं जाकर 1993 में NHRC अर्थात् राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अस्तित्व में आया जो समय - समय पर मानवाधिकारों के हनन के संदर्भ में केंद्र तथा राज्यों को अनुशंसाएँ भेजता है ।   ★ वर्तमान समय में देश में जिस तरह का माहौल आए दिन मिलता है ऐसे में मानवाधिकार और इससे जुड़े आयामों पर चर्चा महत्त्वपूर्ण हो जाती है । देश भर में मॉब लिंचिंग की घटनाएँ , बिहार के मुजफ्फरपुर और उसके तुरंत बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया में शेल्टर होम की बच्चियों के साथ हुए वीभत्स कृत्य देश में मानवाधिकारों की धज्जियाँ उड़ाते दिखते हैं ।    ★ कई विवादास्पद नाओ...

अंतराष्ट्रीय सीमाएं

 


अंतराष्ट्रीय सीमाएं

 


★★★ रेखा का नाम – डूरंड रेखा (Durand Line)


देशों के मध्य – पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान


1886 में सर मार्टिमर डूरंड द्वारा निर्धारित।


 


★★★ रेखा का नाम – मैकमाहोन रेखा (Macmahon Line)


देशों के मध्य – भारत तथा चीन


1120 किमी. लंबी यह रेखा सर हेनरी मैकमोहन द्वारा निर्धारित की गई थी।


 


★★★ रेखा का नाम – रेडक्लिफ रेखा (Radcliffe Line)


देशों के मध्य – भारत तथा पाकिस्तान


1947 में भारत-पाकिस्तान सीमा आयोग के अध्यक्ष सर सायरिल रेडक्लिफ द्वारा निर्धारित।


 


★★★ रेखा का नाम – 17 वीं समानांतर रेखा (17th Parallel)


देशों के मध्य – उत्तरी वियतनाम तथा द. वियतनाम


वियतनाम के एकीकरण के पहले यह देश को दो भागों में बांटती थी।


 


★★★ रेखा का नाम – 24 वीं समानांतर रेखा (24th Parallel)


देशों के मध्य – भारत तथा पाकिस्तान


पाकिस्तान के अनुसार कच्छ क्षेत्र का यह रेखा सही निर्धारण करती है लेकिन भारत इस रेखा को स्वीकार नहीं करता है।


 


★★★ रेखा का नाम – 38 वीं समानांतर रेखा (38th Parallel)


देशों के मध्य – उत्तर कोरिया तथा दक्षिण कोरिया


कोरिया को दो भागों में बांटती है।


 


★★★ रेखा का नाम – 49 वीं समानांतर रेखा (49th Parallel)


देशों के मध्य – अमेरिका तथा कनाडा


अमेरिका तथा कनाडा को दो भागों में बांटती है।


 


★★★ रेखा का नाम – हिंडनबर्ग रेखा (Hindenburg Line)


देशों के मध्य – जर्मनी तथा पोलैंड


प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की सेना यहीं से वापस लौटी थी।


 


★★★ रेखा का नाम – ओडरनास रेखा (Order-Neisse Line)


देशों के मध्य – जर्मनी तथा पोलैंड


द्वितीय विश्व युद्ध के बाद निर्धारित की गई।


 


★★★ रेखा का नाम – मैगिनाट रेखा (Maginot Line)


देशों के मध्य – जर्मनी तथा फ्रांस


जर्मनी के आक्रमण से बचाव के लिए फ्रांस ने यह रेखा बनाई थी।


 


★★★ रेखा का नाम – सीजफ्राइड रेखा (Seigfrid Line)


देशों के मध्य – जर्मनी तथा फ्रांस


जर्मनी ने यह रेखा बनाई थी !

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